मटर की फसल में सड़न रोग से किसान परेशान

मंडी। नाचन और सराज घाटी में बरसात से मटर की फसल पर खतरा मंडरा गया है। बारिश से करोड़ों का मटर सड़न रोग की चपेट में आ सकता है। जिससे निकट भविष्य में करोड़ों के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। मटर की फसल को सड़न रोग से बचाने के लिए कमरुघाटी के किसानों ने देवालयों की शरण ली है। बड़ा देव कमरुनाग के गूर ठाकर दास ने मौसम साफ करने के लिए क्षेत्र के किसानों की मांग पर देवता को धूप दिया है। इंद्र देवता किसानों के हक में नहीं दिखाई दे रहे हैं। नाचन और सराज में चैलचैक, गोहर, तरौर, मोवीसेरी, स्यांज, कोट, नौंन, शाला, तुना, जाछ, धंग्यारा, सरोआ, जबाल, फंग्यार, कुटाहची, किलिंग, झुंगी, जाछ, बगस्याड़, थुनाग, जंजैहली में किसानों ने मटर की बिजाई की है। बारिश के न थमने से किसानों की करोड़ों की फसल पर खतरा मंडराने लगा है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो मौसम का मिजाज अगर यही रहा तो किसानों के करोड़ों डूब सकते हैं। क्षेत्र के किसानों वेद प्रकाश, गुरदयाल सिंह, खेम सिंह, सितू, देवेंद्र ठाकुर, किशोरी लाल, लीला प्रकाश, हेम सिंह, मुरारी लाल, इंद्र और राजीव ठाकुर ने बताया कि उनकी मटर की बंपर पैदावार है। मगर बारिश से सड़न रोग का खतरा फैल गया है। कृषि विषयवाद विशेषज्ञ मुंशी राम ठाकुर ने किसानों को सिफारिश की है कि वेबस्टीन और रोको दवाओं का छिड़काव करें। जिससे मटर को सड़न रोग से बचाया जा सकता है।

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