आयोडीन युक्त नमक शरीर में आने वाले अनेक विकारों को रोकने में सक्षम

शिमला।स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि आयोडीन की कमी के कारण शरीर में अनेक विकार पैदा होते हैं। आयोडीन की कमी से होने वाले इन विकारों को रोकने, नियंत्रित करने और खाने में आयोडीन युक्त नमक की शत्-प्रतिशत् खपत को बढ़ावा देने के उद्ेदश्य से हर वर्ष 21 अक्तूबर को आयोडीन दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि राज्य में आयोडीन युक्त नमक के उपयोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और नमक में आयोडीन की मात्रा की जांच के लिए सभी जिलों में नमक परीक्षण किट वितरित की गई है। मीडिया, सोशल मीडिया, मोबाइल एसएमएस के माध्यम से भी लोगों को खाद्य नमक में आयोडीन की मात्रा के बारे में जागरूक किया जा रहा हैं। इसके अलावा, आशा कार्यकर्ताओं द्वारा भी लोगों को आयोडीन युक्त नमक के लाभों से अवगत करवाया गया।
प्रवक्ता ने कहा कि आयोडीन की कमी से व्यक्ति के शरीर में हर वक्त थकान, कब्ज, रूखी त्वचा, बालों का गिरना और वजन बढ़ने जैसी परेशानियां हो सकती है। कुछ लोगों को आयोडीन की कमी के कारण मांसपेशियों में भी दर्द हो सकता है।
उन्होंने कहा कि योजना के अन्तर्गत राज्य में नमक में आयोडीन की कमी की जांच के लिए नमक परीक्षण किट हर वर्ष दी जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में नमक में आयोडीन की मात्रा पर किए गए एक सर्वेक्षण में जिला बिलासपुर में 45.8 प्रतिशत, चम्बा में 92.7 प्रतिशत, हमीरपुर में 97.4 प्रतिशत, कागड़ा में 99.2 प्रतिशत, किन्नौर में 84.7 प्रतिशत, कुल्लू में 97.3 प्रतिशत, मण्डी में 97.7 प्रतिशत, शिमला में 96.2 प्रतिशत, सोलन में 94.03 प्रतिशत और जिला ऊना में 96.01 प्रतिशत आयोडीन की मात्रा नमक में पाई गई।
उन्होंने लोगों से शरीर में आयोडीन की कमी के कारण होने वाले अनेक विकारों को रोकने या नियंत्रित करने के लिए खाने में आयोडीन युक्त नमक का अधिक से अधिक उपयोग करने का आग्रह किया।
.0.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.