कुल्लू का सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव सम्पन्न

कुल्लू 21 अक्तूबर। कुल्लू का सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव आज सम्पन्न हो गया। उत्सव का शुभारंभ 15 अक्तूबर को राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर ने किया था। सातवें दिन लंका दहन तथा रथ यात्रा की वापसी के साथ दशहरा उत्सव सम्पन्न माना जाता है, लेकिन इसके समापन की औपचारिक रस्म उपायुक्त कार्यालय में पूरी की गई जहां उपायुक्त आशुतोश गर्ग ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए दशहरा के औपचारिक समापन की घोषणा की।
उपायुक्त ने मीडिया तथा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के संकट के चलते इस बार दशहरा उत्सव को सूक्ष्म तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया था। ढालपुर मैदान में वाणिज्यिक गतिविधियां तथा विभिन्न विभागों व स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनियां नहीं लगाई गई और न ही लाल चंद प्रार्थी कला केन्द्र में सांस्कृतिक गतिविधियांे का आयोजन किया गया।
आशुतोष गर्ग ने बताया कि जिला दशहरा समिति, कारदार संघ, पुजारी संघ, बजंतरी व देवलुओं के साथ सितम्बर माह के दौरान हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि दशहरा उत्सव में जिला के सभी पंजीकृत देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र भेजे जाएंगे। जिला प्रशासन व दशहरा उत्सव समिति ने सभी 332 पंजीकृत देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजें। दशहरा उत्सव में घाटी के 285 देवी-देवता पहुंचे। 22 दिन की पैदल यात्रा करके पहली बार शिमला जिला के दूरदराज डोडरा-क्वार से चामुण्डा देवी भी दशहरा उत्सव में पहंुची। ढालपुर मैदान देव-मानस मिलन की इस अदभुत परंपरा से सात दिनों तक सराबोर रहा। देव समाज से जुड़े लोगों ने देवास्था से जुड़ी सभी परंपराओं का बखूबी निर्वहन किया। बड़ी संख्या में हर रोज जिला के विभिन्न भागों से श्रद्धालु अपने आराध्य देवी-देवता के दर्शन के लिए ढालपुर मैदान में पहंुचे। हर रोज की रस्में शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई। हर रोज जलेब निकालने का मौका हो या फिर छठे दिन काईका सम्पन्न करने की रस्म हो, सभी अच्छे से शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थिक तरीके से पूरा करवाया गया।
उपायुक्त ने कहा कि दशहरा उत्सव के दौरान कानून व व्यवस्था की स्थिति काफी सराहनीय रही। लोगों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। यातायात व्यवस्था की स्थिति भी काफी अच्छी रही। पुलिस अधीक्षक ने 550 पुलिस जवानों की तैनाती चप्पे-चप्पे पर कानून व व्यवस्था को बनाए रखने के लिए की थी। इसके अलावा, तीसरी आंख का भी कुल्लू शहर में पहरा रहा। इसके अलावा, उत्सव के दौरान ढालपुर के समस्त मैदानों की सफाई व्यवस्था के लिए नगर परिषद द्वारा 60 से ज्यादा सफाई कर्मियों की तैनाती की गई थी। गंदगी कहीं पर भी नजर नहीं आई और आम लोगों ने भी इस बात पर संतोष व्यक्त किया है।  

आशुतोष गर्ग ने कहा कि उत्सव के दौरान कोरोना प्रोटोकोल के नियमों का अनुपालना सुनिश्चित बनाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बलों के अलावा रूस्तम के वाॅलन्टियर, नर्सिंग संस्थान तथा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के कलाकारों द्वारा लोगों को हर समय मास्क अच्छे से पहनने के लिए ढालपुर मैदान मंे जगह-जगह पर लोगों को प्रेरित किया। जिला प्रशासन की ओर से देवलूओं को तथा आम लोगों को मास्क व सेनेटाईजर भी वितरित किए गए। श्रद्धालुओं को दर्शन के समय एक उचित दूरी पर खड़े होने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि देव समाज द्वारा कोविड नियमों की जिस प्रकार से पालना की गई, वह सराहनीय है। दशहरा उत्सव के दौरान कोरोना के मामलों में किसी प्रकार की बढ़ौतरी की रिपोर्ट नहीं है। पिछले कल तो एक भी कोरोना का मामला जिला में नहीं आया। उपायुक्त ने कहा कि जिला के लोग कोरोना नियमों की पालना उत्साहपूर्वक करते हैं जिसके चलते कोरोना के मामले जिला में बहुत कम हैं।
उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज प्रदान करने के लिए ढालपुर मैदान में उत्सव के दौरान विशेष काउंटर स्थापित किया गया था, जिसमें हजारों लोगांे ने वैक्सीन की दूसरी डोज प्राप्त की। सैलानियांे, प्रवासी मजदूरों तथा आम लोगों के कोरोना टेस्ट करने की सुविधा भी स्वास्थ्य विभाग ने ढालपुर मेदान के समीप की थी।
आशुतोष गर्ग ने दशहरा उत्सव के सफल आयोजन के लिये जिला कारदार संघ, पुजारी संघ, बजंतरियों व देवलुओं सहित समस्त देव समाज के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा जिलावासियों के सकारात्मक सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जिला की देव संस्कृति अनूठी व बेमिसाल है और प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि हम अपनी संस्कृति और परम्पराओं को न केवल संरक्षित रखें, बल्कि भावी पीढि़यों को इसे समझाएं।
पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त श्विम् प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी समारोह में उपस्थित रहे।
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